ब्रेन स्ट्रोक के शरुआती लक्षण जिन्हे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

 ब्रेन स्ट्रोक के शरुआती लक्षण जिन्हे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

हमारा शरीर जितना जल्दी स्वस्थ होता है उतना जल्दी ही बीमार हो जाता है जिसका प्रमुख कारण हमारी जीवनशैली होता है इसके लिए हमारा खानपान, बदलती दिनचर्या, और व्यायाम ना करना जिम्मेदार होता है।  हमारी जीवनशैली से सम्बंधित कई बीमारिया है जिनमे से ब्रेन स्ट्रोक प्रमुख है हमारे देश में ब्रेन स्ट्रोक से मरने वालो की संख्या में इजाफा हुआ है जिसका मुख्य कारण हमारा इस बीमारी से सम्बंधित इलाज को लेकर जागरूक नही होना है।  

न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर मुकेश कुमार (neurologist Dr. Mukesh Kumar) के अनुसार यह मान्यता गलत है की ब्रेन स्ट्रोक केवल बुजर्गो को होता है यह बीमारी मिडिल ऐज लोगों में भी देखी जा रही है, यदि रोगी को समय पर इलाज नहीं मिलता है तो विकलांगता जैसे गंभीर परिणाम देखे जाते है और कई बार यह बीमारी जानलेवा भी साबित होती है| इसीलिए इसके प्रांरम्भिक लक्षणों को कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए और बचाव के उपाय हमे इसके खतरे से बचा सकते है।

ब्रेन स्ट्रोक क्या होता है ?

ब्रेन स्ट्रोक दो प्रकार के होते है ब्रेन हेमरेज एवं एक्यूट इस्केमिक स्ट्रोक 

एक्यूट स्ट्रोक : ब्रेन स्ट्रोक हमारे मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी के कारण होता है हमारे मस्तिष्क में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन रक्त द्वारा पहुचाई जाती है परन्तु हमारी रक्त कोशिकाओं में खून का थक्का जम जाने से रक्त का परवाह रुक जाता है जिसके कारण हमारे मस्तिष्क में गंभीर क्षति हो सकती है। जिसके नतीजतन एक्यूट इस्केमिक स्ट्रोक होता है।  

ब्रेन हेमरेज: ब्रेन हेमरेज के दौरान हमारे मस्तिष्क में नसे फट जाती है और जिसका परिणाम हमारे मस्तिष्क में रक्त्स्राव होता है | रक्त्स्राव के कारण हमारे मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लगती है और रोगी की जान भी जा सकती है। न्यूरोलॉजी स्पेशलिस्ट (neurology specialist) के अनुसार सिर की चोट, अत्यधिक ब्लड प्रेशर एवं लिवर की बीमारी भी ब्रेन हेमरेज का कारण बन सकते है।  

ब्रेन स्ट्रोक के संकेत

न्यूरोलॉजिस्ट सुझाव देते है यदि स्ट्रोक के पेशेंट को स्ट्रोक होने के ३ /4 घंटो के अंदर तुरंत इलाज मिल जाये तो रोगी को बचाया जा सकता है जिसके लिए इसके लक्षणों को ध्यान रखना जरुरी है।  

ब्रेन स्ट्रोक के संकेत निम्नलिखित है।

अचानक सिर में  तेज़ दर्द होना और चक्कर आना

बोलने और समझने में कठिनाई एवं भ्रम पैदा होना

व्यक्ति के चेहरे का एक तरफ लटक जाना 

शरीर के एक तरफ सुन्नता

हाथो और पेरो में सुन्नता

अचानक एक और दोनों आँखों से देखने में कठिनाई होना

यदि आपको अपने आस पास किसी वयक्ति में यह लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत उन्हें इलाज दिलवाये | ब्रेन स्ट्रोक के प्रांरम्भिक उपचार के पश्चात पूरी रिकवरी के लिए न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर (neurologist doctor)स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन की सलाह भी देते है।


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